

यज़ीदी लोरी
उत्तरी इराक के यज़ीदी लोगों की संगीत परंपरा सदियों पुरानी और समृद्ध है। यह सिंजार पर्वत, जो उनके लिए पवित्र है, और लालिश, उस पवित्र घाटी के आसपास केंद्रित है जहाँ उनके रीति-रिवाज और गीत पीढ़ियों से सौंपे जाते हैं। उनके लोकगीत सुबह की पहली किरण, फसल और पर्वत का गुणगान करते हैं, और daf की कोमल थाप उन्हें आगे ले जाती है। daf यज़ीदी संस्कृति में पवित्र माना जाने वाला ढोल है।

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पद 1
पद 2
बोलों का अनुवाद
यह अर्थ पर आधारित अनुवाद है, जो समझने में मदद के लिए है। ऊपर के गाए जाने वाले बोल मूल भाषा में ही रहते हैं ताकि वे धुन और कॉर्ड के साथ ठीक बैठें।
सो जा, मेरे लाल, सिंजर कितना ऊँचा खड़ा है,सुबह की रोशनी तुझे सबके बीच सुरक्षित पाएगी।
सो जा, मेरे लाल, दफ़ धीमे-धीमे, हल्के से बज रहा है,लालिश की घाटी तेरी नींद की राह में तुझे देखती रहेगी।
कॉर्ड: गिटार और पियानो
इस गीत का अर्थ
यह लोरी एक मौलिक संयोजन है, जो यज़ीदी संस्कृति और उसकी दर्ज संगीत परंपराओं को सम्मानपूर्वक श्रद्धांजलि देने के लिए रचा गया है। यह किसी एक संग्रहीत गीत की प्रतिलिपि नहीं है।
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- बोल और धुन: कृपया इस पृष्ठ के पाठ में दिए गए श्रेय देखें। पुराने गीत पारंपरिक हैं या सार्वजनिक डोमेन में हैं; ज्ञात रचनाकारों के गीतों में उनके रचनाकारों को श्रेय दिया गया है।
- रिकॉर्डिंग और संयोजन: हाथ से बजाए गए असली वाद्य, कोई AI संगीत नहीं, Relax In No Time द्वारा।
- कॉर्ड: हमने गिटार और पियानो के लिए लिखे हैं।
- अनुवाद: हमारा अपना भावार्थ-आधारित अनुवाद, जो समझने के लिए लिखा गया है। गाए जाने वाले बोल मूल भाषा में ही रहते हैं।
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